CWG-2018: साइना नेहवाल ने पीवी सिंधु को हराकर रचा इतिहास, जीता सिंगल्स का दूसरा गोल्ड मेडल

खोज न्यूज़ टुडे/नई दिल्ली :- साइना नेहवाल ने 21वें कॉमनवेल्थ गेम्स में बैडमिंटन के महिला एक वर्ग का गोल्ड मेडल जीतकर एक बार फिर बता दिया कि वह अब भी देश की टॉप शटलर हैं। फाइनल मुकाबले में उन्होंने अपनी ही देश की स्टार शटलर पीवी सिंधु को बेहद कड़े मुकाबले में 21-18 और 23-21 से जीत दर्ज की। पहला गेम सिर्फ 22 मिनट तक चला तो दूसरा गेम खत्म होने में 34 मिनट लगे। इस दौरान दोनों ही खिलाड़ियों के बीच एक-एक पॉइंट के लिए जबरदस्त टक्कर देखने को मिली।

कॉमनवेल्थ गेम्स में साइना नेहवाल का यह दूसरा गोल्ड मेडल है। ऐसा करने वाली वह भारत की पहली शटलर हैं। इससे पहले उन्होंने दिल्ली में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स-2010 में गोल्ड मेडल जीता था। भारत के लिए सबसे बड़ी बात यह रही कि पहला मौका है, जब बैडमिंटन के महिला एकल का गोल्ड और सिल्वर मेडल दोनों ही भारत के खाते में आए। अगर बात करें साइना बनाम सिंधु की तो इससे पहले दोनों के बीच पिछले साल नवंबर में सीनियर नैशनल चैंपियनशिप में आमने-सामने थी, जिसमें भी साइना ने जीत दर्ज की थी।

साइना के नाम रहा पहला गेम, 22 मिनट तक चली ‘फाइट’

इसे गेम का पहला पॉइंट साइना नेहवाल ने लिया। हालांकि, सिंधु ने कुछ ही देर बाद 1-1 से बराबरी कर ली। 4 पॉइंट्स तक दोनों बराबरी पर चल रहे थे। इसके बाद साइना ने लगातार 5 पॉइंट्स जुटाते हुए बढ़त 9-4 कर ली, कुछ ही देर बाद बढ़कर 12-6 हो गई। सिंधु ने दो बार लगातार पॉइंट्स लेकर वापसी की कोशिश की, लेकिन साइना ने ऐसा करने नहीं दिया। ड्रॉप, स्पिन का बहुत ही चालाकी से इस्तेमाल करते हुए साइना ने यह गेम 22 मिनट में 21-18 से अपने नाम किया।

दूसरे गेम का रोमांच: एक-एक पॉइंट के लिए टक्कर

22 साल की सिंधु ने दूसरे गेम में अच्छी शुरुआत की। उन्होंने शुरुआत में 2-0 की बढ़त बनाई, लेकिन कुछ गलत शॉट खेले और साइना ने बराबरी कर ली। दूसरी ओर साइना ने भी कुछ गलत शॉट खेले, जिसका भरपूर फायदा सिंधु ने उठाते हुए 5-7 की बढ़त बना ली। दोनों के बीच एक-एक पॉइंट के लिए जोरदार टक्कर देखने को मिली।

39 शॉट की रैली

हालांकि, साइना के कुछ दिशाहीन शॉट से सिंधु को खूब पॉइट मिले और उनकी बढ़त 13-8 की हो गई। इसके बाद साइना ने जोरदार वापसी करते हुए बढ़त के अंतर को कम कर दिया (14-15)। यहां सिंधु ने लगातार 3 पॉइंट लेकर बढ़त 18-14 की तो साइना ने जवाबी कार्रवाई करते हुए स्कोर 19-19 पर ला दिया। जबरदस्त टक्कर का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि एक बार तो दोनों के बीच 39 शॉट की रैली देखने को मिली।

23-21 से साइना की जीत

सिंधु ने एक पॉइंट लेकर 20-19 किया तो साइना ने लगातार दो पॉइंट लेकर स्कोर 21-20 कर दिया। सिंधु भी कहां मानने वाली थीं। उन्होंने एक पॉइंट लेकर स्कोर 21-21 कर दिया। इसके बाद साइना ने जबरदस्त स्मैश लगाते हुए अंक अर्जित किए और स्कोर 22-21 हो गया। इसके बाद एक और पॉइंट लेकर 23-21 दूसरा गेम भी अपने नाम कर लिया। यह गेम 34 मिनट तक चला।

पहला सेमीफाइनल: साइना vs क्रिस्टी गिलमोर

पहले सेमीफाइनल में लंदन ओलिंपिक-2012 की ब्रॉन्ज मेडल विजेता साइना नेहवाल ने सेमीफाइनल मुकाबले में स्कॉटलैंड की क्रिस्टी गिलमोर को 21-14, 18-21, 21-17 से हराया। भारतीय शटलर ने पहला गेम आसानी से जीत लिया था, लेकिन दूसरे गेम में स्कॉटिश खिलाड़ी ने जोरदार वापसी की और 21-18 से जीता। हालांकि, तीसरा मुकाबला भारतीय खिलाड़ी ने 21-17 से अपने नाम किया।

दूसरा सेमीफाइनल: सिंधु vs मिशेले ली

इस वर्ग का दूसरा सेमीफाइनल मुकाबला रियो ओलिंपिक की सिल्वर मेडल विनर पीवी सिंधु और गत चैंपियन कनाडा की मिशेले ली के बीच हुआ। जहां भारतीय खिलाड़ी ने आसानी से जीत दर्ज की। सिंधु ने पहला गेम 21-18 से अपने नाम किया। दूसरे गेम में तो सिंधु ने एकतरफा जीत दर्ज की। उनके सामने मिशेले ली कहीं नहीं टिकीं। भारतीय स्टार शटलर ने यह गेम 21-8 से जीत दर्ज की।

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