आपकी जेब पर प्रभाव डालने वाले ये नियम 1 अक्‍टूबर से बदल जायेंगे

खोज न्यूज़ टुडे/नई दिल्ली :- स्टेट बैंक ऑफ इंडिया,जीएसटी,टेलिकॉम सेक्टर और टोल प्लाजा से जुड़े छह नियमों में एक अक्टूबर से बदलाव होने जा रहा है. मिनिमम एकाउंट बैलेंस लिमिट कम हो जाएगी,अकाउंट क्लोज करने पर चार्ज नहीं लगेगा,एसबीआई कुछ बैंकों के चेक लेना बंद करेगा,टोल टैक्स के लिए लाइन नहीं लगानी पड़ेगी,और काल रेट कम हो सकता है.

एसबीआई में कम हो जाएगी मिनिमम बैंलेंस लिमिमट

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने मिनिमम अकाउंट बैंलेंस के नियमों में बदलाव किया है.

इसके तहत एक अक्टूबर से मेट्रो शहरों में यह मिनिमम अकाउंट बैंलेंस लिमिमट 5हजार से घटकर 3हजार हो जाएगी.

अब मेट्रो और शहरी क्षेत्रों के सेंटरो को एक ही श्रेणी में माना जाएगा. मिनिमम बैंलेंस चार्ज में भी 30 से 50 प्रतिशत की कटौती की गई है.

इसके साथ ही अब बैंक नाबालिकों और पेंशनर्स तथा सब्सिडी के लिए खोले गए अकाउंट पर मिनिमम बैंलेंस का चार्ज वसूल नहीं करेगी.

एसबीआई ने कहा है कि इससे करीब पांच करोड़ खाताधारकों को फायदा होगा.

एक अक्टूबर से एसबीआई अपने ग्राहकों से अकाउंट खोलने के एक साल बाद उसे बंद कराने पर कोई चार्ज नहीं लेगा. अकाउंट खोलने के 14 दिन के अंदर भी उसे बंद कराया जा सकता है.लेकिन 14 दिन के बाद और एक साल पूरा होने से पहले अकाउंट बंद कराने पर 500 रुपए और जीएसटी देना होगा. खाताधारक की मौत होने के बाद और उसके अकाउंट का सेटलमेंट करने और अकाउंट बंद कराने पर काई चार्ज नहीं लगेगा. अब तक एसबीआई में सभी तरह के अकाउंट बंद कराने या सेटल कराने पर 500 रुपए और जीएसटी देना होता था.

एक अक्टूबर से एसबीआई उसके साथ मर्ज हुए बैंको और भारतीय महिला बैंक के पुराने आईएफएससी वाले चेक नहीं लेगा. जिन बैंकों के पुराने चेक नहीं लेने का फैसला किया है उनमें स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर और जयपुर,स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद,स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद,स्टेट बैंक ऑफ मैसूर,स्टेट बैंक ऑफ पटियाला,स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर और भारतीय महिला बैंक शामिल हैं. एसबीआई ने इन बैंको के ग्राहकों से कहा कि वे नई चेक बुक के लिए आवेदन करें.

1 अक्‍टूबर से नेशनल हाईवे पर बने सभी टोल प्‍लाजा पर फास्‍टैग लगी गाड़ियां बिना रुके गुजर सकेंगी. नेशनल हाईवे अथॉरिटी (एनएचएआई) के मुताबिक, सभी टोल प्‍लाजा पर शुक्रवार से डेडिकेटिड फास्‍टैग लेन तैयार हो गई है. इस लेन पर ऑपरेशन भी शुरू हो गया है. केंद्र सरकार ने पिछले साल फास्‍टैग लॉन्‍च किया था. फास्‍टैग सिस्टम में गाड़ी के शीशे पर एक टैग लगाया जाता है. टोल प्‍लाजा पर लगी डिवाइस उसे रीड कर लेती है और टोल टैक्स टोल प्लाजा के अकाउंट में ट्रांसफर हो जाता है. फास्‍टैग को रिचार्ज कराना भी आसान है. इसे ऑनलाइन भी रिचार्ज किया जा सकता है. कई बैंकों को इसके लिए ऑथराइज्ड किया गया है.

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