हार्ट अटैक जैसी खतरनाक बीमारियों से बचने के लिए खाएं ये खट्टे फल

करोंदा क्रेनबेरी एक पौष्टिक फल है। करीब सौ ग्राम क्रेन बेरी के सेवन से दैनिक की ज़रूरत का 18% विटामिन सी, 18% मैंगनीज, 18% फाइबर और 8 % विटामिन ई मिलता है। यह खट्टा होता है और यह विटामिन सी का समृद्ध स्रोत है। विटामिन सी के सेवन से शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। विटामिन सी, लोहे के अवशोषण में भी सहायक है।

       

विटामिन सी और ई अच्छे एंटीऑक्सीडेंट हैं। एंटीऑक्सीडेंट वे पदार्थ हैं जो की शरीर की सेल्स को फ्री ऑक्सीजन (फ्री रेडिकल) के हानिकारक प्रभावों से बचाते है। शरीर में नहीं तो फ्री रेडिकल ऑक्सीडेटिव डैमेज करते है और बुढ़ापा तथा बिमारियों को बढ़ाते हैं।क्रेनबेरी में कुछ बैक्‍टीरिया के प्रति एंटी-ऐडहेशन गुण हैं जिस कारण यह उन्हें शरीर में चिपकने नहीं देता। क्रेनबेरी जूस को पीने से यूरिनरी ट्रैक्ट में मौजूद बक्टेरिया पेशाब के रास्ते निकल जाते है। इसी प्रकार मुंह के अन्दर भी यह बैक्टीरिया नहीं पनपने देता जिससे दांतों की सड़न और मसूड़ों के इन्फेक्शन से बचाव होता है।

क्रेनबेरी के रोगों में बहुत लाभकारी है। यह मूत्रल है। क्रेनबेरी जूस पीने से बार-बार होने वाला यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन यूटीआई रुकता है। ऐसा इसलिए है की एक तो यह पेशाब को एसिडिक कर देता है जिससे बक्टेरिया के लिए सही मीडियम नहीं रहता, दूसरा यह एंटी-ऐडहेशन गुण के कारण उन्हें शरीर से दूर करता है। तो जिन्हें यूटीआई अक्सर हो जाता है वे एक कप से लेकर एक गिलास का जूस रोजाना दिन में एक से दो बार 2 महीने तक करें।

 

क्रेनबेरी शरीर में अच्छे कोलेस्ट्रोल को बढ़ाता है और हृदय के लिए भी टॉनिक है। इसके सेवन से धमनियों में वसा, कोलेस्ट्रोल और कैल्शियम के जमाव से उनका पतले होने का रिस्क कम होता है। क्रेनबेरी में फाइबर भी होता है। क्रेनबेरी पेशाब के रोगों, बार-बार होने वाले यूटीआई, जुखाम-खांस, श्वसन रोगों, आदि में बहुत लाभप्रद है।

यह दांतों को मजबूती देता है। यह बैक्टीरियल इन्फेक्शन में बहुत लाभप्रद है। यह विटामिन C की कमी को डोर करता है। यह फेफड़ों की सूजन में लाभप्रद है। यह एंटी-एजिंग है। त्वचा के लिए इसका सेवन फायदेमंद है। यह कील मुहांसों को दूर करता है। यह तासीर में गर्म और कफ को ढीला करता है।

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